डॉक्टरों से मारपीट पर 10 साल कैद का होगा प्रावधान

Duty पर मौजूद डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों से मारपीट करने वाले लोगों को दंडित करने के लिए 10 साल तक की जेल की सजा के प्रावधान वाले मसौदा विधेयक को अंतिम रूप दे दिया गया है।

आम लोगों की राय लेने के लिए इसे जल्द ही सार्वजनिक कर दिया जाएगा। Union Health Minister Harshvardhan ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मसौदा विधेयक को स्वास्थ्य मंत्री की मंजूरी मिल गई है। हाल ही में West Bengal में इलाज के दौरान एक रोगी की मौत हो जाने पर उसके रिश्तेदारों द्वारा डॉक्टरों पर हमला किये जाने के बाद देश भर के Resident doctor हड़ताल पर चले गये थे।

क्लीनिकल प्रतिष्ठानों में Doctor एवं अन्य चिकित्साकर्मियों को गंभीर चोट पहुंचाने वालों को तीन से 10 साल के बीच कैद की सजा का सामना करना पड़ सकता है तथा उन पर दो से 10 Lakh  रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मसौदा विधेयक में कहा गया है कि हिंसा करने वालों या अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को छह महीने से लेकर पांच साल तक की कैद और 50,000 रुपये से पांच लाख रुपये के बीच जुर्माना लगाया जा सकता है।

स्वास्थ्यकर्मियों की परिभाषा में Doctor और Para medical staff तथा मेडिकल छात्र, अस्पताल या क्लीनिक में रोग निदान सेवाएं प्रदान करने वाला व्यक्ति और Ambulances चालक शामिल होंगे। मंत्री ने कहा कि इस सिलसिले में एक Central Law Medical पेशे से जुड़े लोगों की काफी समय से लंबित मांग है। इस पर एक मसौदा विधेयक को अंतिम रूप दे दिया गया है। उन्होंने कहा, ”हम लोगों की राय और टिप्पणियों के लिए जल्द ही इसे सार्वजनिक कर देंगे।”

इसके बाद, हम इसे Cabinet की बैठक में ले जाएंगे। मसौदा विधेयक के मुताबिक हिंसा का मतलब किसी तरह का चोट पहुंचाना, डराना-धमकाना, किसी स्वास्थ्यकर्मी के कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान अवरोध पैदा करना या उनकी जान को जोखिम में डालना होगा। विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए Ministry of Health ने आठ सदस्यीय एक उपसमिति गठित की थी।

 

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