श्रीलंका की इन जगहों पर भी मनाया जाता है दशहरा

भगवान राम की रावण पर जीत संसार को असुरों से मुक्ति दिलाना था और इसी जीत को भारत में रावण का पुतला दहन कर हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। रावण के साथ मेघनाद और कुंभकरण का भी पुतला जलाया जाता है। लंका पर जीत के बाद वहां की प्रजा रावण के अत्याचारों से मुक्त हुई। राम-सीता और लक्ष्मण की घर वापसी पर अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाया गया था। दीयों से जगमग अयोध्या जैसा ही नजारा आप श्रीलंका आकर भी देख सकते हैं।

श्रीलंका में दशहरा

भारत की ही तरह श्रीलंका में भी दशहरे का त्योहार धूमधाम के साथ मनाया जाता है। भगवान की पूजा, भक्ति गीत सुनने के साथ लोग एक-दूसरे से मिलते और उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं। यहां भगवान राम को समर्पित कई मंदिर भी हैं। जहां आकर आप दशहरे का अनोखा एक्सपीरियंस ले सकते हैं।

श्री अजनेया मंदिर   

कोलंबो से 45 मिनट की ड्राइव करके आप इस मंदिर पहुंच सकते हैं। जो राम भक्त हनुमान को समर्पित है और हिंदुओं के बीच काफी लोकप्रिय है। यहां आपको पंचमुखी हनुमान की मूर्ति देखने को मिलेगी। इनके अलावा और भी कई देवी-देवता विराजमान हैं।

सीता अम्मन मंदिर 

ये श्रीलंका की ऐसी जगह है जहां मां सीता को बंदी बनाकर रखा गया था। नुवारा एलिया से महज 5 किमी की दूरी पर स्थित है ये जगह। 5000 साल पुराने इस मंदिर को दशहरे के अलावा ऐसे भी जब आप श्रीलंका आएं तो घूमना मिस न करें।

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