एक साल की हुई ट्रेन वंदेभारत,चालक दल और गार्ड को पहनाया गया फूल माला

देश की पहली मेक इन इंडिया ट्रेन वंदेभारत (ट्रेन-18) एक्सप्रेस एक साल की हो गई। मंगलवार सुबह दिल्ली से सेंट्रल स्टेशन पहुंचने पर यात्रियों को फूल और चॉकलेट देकर मुंह मीठा कराया गया। चालक राम विनय शर्मा, रामदुलारे व गार्ड एमआर मीणा का माला पहनाकर अभिनंदन किया।

मंगलवार की सुबह 10.08 बजे बुके से सजी ट्रेन-18 सुबह सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर पहुंची, अफसरों ने यात्रियों को जब गुलाब का फूल और चॉकलेट देते हुए वंदेभारत का सफल संचालन का एक साल पूरा होने की जानकारी दी। चॉकलेट पाकर बच्चों के चेहरे खिल गए। स्टेशन अधीक्षक आरएनपी त्रिवेदी, सीटीएम दिवाकर तिवारी, अमित आनन्द, एच आर पांडेय, ज्ञान सिंह आदि मौजूद रहे।

अब तक सभी ट्रेनों में इंजन अलग से लगता है, लेकिन भारत की पहली सेमी हाइस्पीड ट्रेन वंदे भारत इंजन रहित ट्रेन है। इसकी रफ्तार शताब्दी एक्सप्रेस के मुकाबले अधिक है। दिल्ली से वाराणसी के बीच का सफर आठ घंटे में तय करती है। इसके सभी कोच चेन्नई की इंटेग्रल कोच फैक्ट्री में तैयार किए गए हैं। 16 कोच की यह ट्रेन पूरी तरह से वातानुकूलित कुर्सीयान वाले हैं। एक्जीक्यूटिव क्लास में जो कुर्सियां हैं वो 180 डिग्री तक घूम सकती है। खास बात यह है कि पहली ट्रेन में मेट्रो की तर्ज पर गेट आटोमेटिक खुलते और बंद होते हैं। दिल्ली-वाराणसी रूट के बाद तीन अक्टूबर को दूसरी वंदे भारत दिल्ली से कटरा रूट पर चलाई गई थी।

 

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