हरदोई

केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान लखनऊ के निदेशक शैलेंद्र राजन ने कही ये बात

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जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान में उतार चढ़ाव, अनियमित वर्षा, बाढ़ और सूखे की समस्या का असर घातक बागवानी फसलों पर दिखने लगा है।आम, जामुन, सेब,  लीची, खुबानी जैसे बागवानी फसलों पर शोध के दौरान  जलवायु परिवर्तन का असर देखा गया। कुछ क्षेत्रों में सेब का उत्पादन घट रहा है। जबकि कुछ स्थानों पर यह बढ़ रहा है। सेब में आकर्षक लाल रंग नही आ पा रहा है। कुछ फलों में फटने की शिकायत आ रही है। जबकि कुछ स्थानों पर बीमारी का प्रकोप बढ़ रहा है।

केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान लखनऊ के निदेशक शैलेंद्र राजन के अनुसार तापमान में उतार-चढ़ाव और वातावरण में नमी की मात्रा के कारण कीड़ों और बीमारियों ने बहुत से आम को बदसूरत कर दिया। बेमौसम बारिश के कारण तापमान तुलनात्मक रुप से कम रहा और आम की फसल के पूरे मौसम में हवा की नमी अधिक रही जिसके कारण इस साल आम के फल की त्वचा को प्रभावित करने वाले बीमारियों का प्रकोप बढ़ा। तापमान में उतार चढ़ाव और भारी गिरावट के बाद  धूप वाले दिन के कारण सापेक्ष आद्ररता में तेज बदलाव हुआ।

रिपोर्टर दुर्गेश दुबे

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