क्रूड की कीमतों में नरमी, उम्मीदों को लग सकता है झटका

ईरान से तेल आयात की छूट खत्म होने के बाद भारत को 2019 में पूरे साल महंगे क्रूड की मार सहनी पड़ सकती है। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री ने मंगलवार को कहा कि तेल उत्पादक देशों के समूह और उसके सहयोगी देश उत्पादन में कटौती का सिलसिला पूरे साल जारी रख सकते है। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड की कीमतों में नरमी की उम्मीदों को झटका लग सकता है।

सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री खालिद अल-फलीह ने कहा कि वैश्विक आपूर्ति घटाने का तेल उत्पादक देशों का समझौता जून के बाद भी जारी रह सकता है। संभव है।कि 2019 के आखिर तक लागू रखा जाए। फलीहा ने दो टूक कहा कि सऊदी अरब फिलहाल क्रूड उत्पादन में बढ़ोत्तरी करने नही जा रहा और वह कटौती को आगे भी जारी रखना चाहता है। ओपेक और सहयोगी देशों ने क्रूड दाम में लगातार गिरावट के बाद मुनाफा बढ़ाने के लिए जनवरी में छह महीने के लिए आपूर्ति घटाने का फैसला किया था। अब 25-26 जून को होने वाली बैठक में इसे हटाने या जारी रखने पर चर्चा होनी है।

सऊदी ऊर्जा मंत्री के इस बयान के बाद वैश्विक स्तर पर क्रूड की कीमतें एक बार फिर उछलीं और तीन दिन जारी नरमी का असर खत्म हो गया। पिछले शुक्रवार को ट्रंप की अपील से क्रूड 4 फीसदी सस्ता होकर 72 डॉलर के आसपास आ गया था। लेकिन मंगलवार को यह 1 फीसदी बढ़ाकर दोबारा 73 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। पिछले क्रूड ने छह महीने का उच्च स्तर 75 डॉलर प्रति बैरल को छुआ था।

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