जल्द ही शुरु होगाअयोध्या में राम मंदिर की नींव का काम

रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला के मंदिर निर्माण के लिए बुधवार को कारसेवकपुरम में संतों की एक बैठक की गई। इसमें सुनिश्चित हुआ कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर की नींव का काम जनवरी से शुरू होगा।

ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने बताया कि सरयू नदी के बहाव से मंदिर की नींव को नुकसान ना हो इसके लिए जमीन के नीचे एक दीवार का निर्माण होगा।

चम्पत राय ने बताया कि काम जनवरी में शुरू होगा और विभिन्न इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञ इसकी तैयारी में जुटे हैं। ट्रस्ट ने बताया कि विश्व हिन्दू परिषद के नेताओं के साथ बैठक करके मंदिर निर्माण की प्रगति पर चर्चा की जाएगी।

वहीं इस बैठक में रंगमहल मंदिर के महंत रामशरण दास ने जमीन अधिग्रहण व चौड़ीकरण को लेकर उड़ रही अफवाहों पर विराम लगाने का आग्रह रामजन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट से किया।

मंहत दास समेत सभी संतों की शंका का समाधान करते हुए ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने बताया कि वास्तु की दृष्टि से भवन निर्माण में ईशान कोण कटना नहीं चाहिए।

उन्होंने बताया कि रामजन्मभूमि के गर्भगृह के प्रस्तावित स्थल पर ईशान कोण कट जा रहा है। इसके रास्ते में फकीरे राम पड़ रहा है।

इसके अलावा भूमि को चौकोर अथवा आयाताकार करने के लिए पूरब व पश्चिम में अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता है। पश्चिम दिशा में नजूल की भूमि है। इस सम्बन्ध में बातचीत हो रही है। दक्षिण व उत्तर में कोई परेशानी नहीं है।

पूरब में ट्रस्ट के कार्यालय को लेकर सुंदर सदन के मालिकों से बातचीत हुई थी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जब कभी कोई बात होगी तो वह गैरकानूनी ढंग से नहीं होगी बल्कि विधिक तरीके से की जाएगी और बिना किसी को परेशानी में डाले हुए होगी।

इससे पहले ट्रस्ट महासचिव ने सभी संतों को राम मंदिर निर्माण की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राम मंदिर निर्माण के लिए धन की कमी नहीं है। उद्योगपति हैं, बड़ी-बड़ी कंपनियां हैं और विदेशी संस्थाएं भी हैं जो सहयोग के लिए तैयार हैं लेकिन ट्रस्ट ने तय किया है कि समाज के सहयोग से ही मंदिर निर्माण होगा।

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