तीन हाथियों की मौत पर वन अधिकारी व गार्ड निलंबित, जाने खास बात

छत्तीसगढ़ में 3 जंगली हाथियों की मौत के मामले में  के 3 वन अधिकारियों और एक गार्ड को निलंबित कर दिया गया है। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। बलरामपुर जिले में एक डीविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर को ड्यटी के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निलंबन आदेश और कारण बताओ नोटिस शनिवार शाम को जारी किए गए थे। उप-प्रभागीय वन अधिकारी (राजपुर) केएस खुटिया, रेंज वन अधिकारी अनिल सिंह, डिप्टी रेंजर (गोपालपुर) राजेंद्र प्रसाद तिवारी, और वन रक्षक भूपेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया है।

बलरामपुर जिले के राजपुर वन रेंज के अंतर्गत गोपालपुर सर्कल में 11 जून को एक हथिनी का शव मिला था, जबकि दो हथिनियों की 9 और 10 जून को सूरजपुर जिले के निकटवर्ती प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में मृत पाए गए थे। इनमें से एक गर्भवती थी।

तीनों उसी झुंड के थे जो राजपुर से प्रतापपुर की ओर बढ़े थे।  जिस हाथी का शव 11 जून को राजपुर वन परिक्षेत्र से मिला था, उसकी संभवतः 6 जून को मौत हो गई थी। वन कर्मचारियों पर आरोप है कि वे 11 जून तक वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना देने में विफल रहे। यह भी आरोप है कि उन्होंने पर ड्यूटी में गंभीर लापरवाही बरती।

उन्होने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा  के नियम 3 के उल्लंघन का दोषी पाया गया । इसलिए, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वन विभाग ने बलरामपुर के डीएफओ प्रणय मिश्रा को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है और एक सप्ताह के भीतर उनका जवाब मांगा है। डीएफओ से विभिन्न माध्यमों से मानव-हाथी संघर्ष को रोकने के लिए कदम उठाए जाने की उम्मीद होती है, लेकिन इस मामले में, उन्हें हाथी की मौत की जानकारी तक नहीं थी। यह स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि उन्होंने घोर लापरवाही बरती है।

Leave a Comment