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कानपुर में दहेज हत्यारे पति व सास को फास्ट ट्रैक कोर्ट 41 की न्यायाधीश तनु भटनागर ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर ढाई-ढाई लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान ससुर की मौत हो चुकी है। कोर्ट ने जुर्माने की धनराशि मृतका की बेटी को देने का आदेश दिया।

यह धनराशि बेटी के बालिग होने तक राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा रहेगी। राहुल तिवारी की बड़ी बहन प्रीति की शादी बाबूपुरवा कॉलोनी निवासी मानस पांडे के साथ 18 अप्रैल 2012 को आर्य समाज मंदिर से हुई थी। ससुर दिवाकर शरण पांडे, सास शैलबाला व पति मानस दहेज में चार पहिया गाड़ी की मांग को लेकर मारते-पीटते थे।

11 जनवरी 2016 को राहुल के फोन करने पर ससुर ने प्रीति के जल जाने और हैलट में भर्ती होने की सूचना दी। 14 जनवरी की सुबह प्रीति की मौत हो गई थी। राहुल ने ससुरालीजनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

एडीजीसी इंद्रलता शुक्ला व विनोद त्रिपाठी ने बताया कि अभियोजन की ओर से प्रीति की मां, भाई व बहन समेत नौ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। बचाव पक्ष ने भी दो गवाह पेश किए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने पति व सास को सजा सुनाई।

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