बेटियों के शादी के फर्जी कार्ड, आधार कार्ड से अनुदान लेने की कोशिश

शादी के लिए अनुदान में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। तीन ने फर्जी कार्ड छपवाए और जाली आधार बनवा लिया। बेटियों को पता नहीं और उनके रिश्ते तय कर दिए गए। तहसील से सत्यापन में आवेदन के दावे को सही ठहराया गया है।

जांच हुई तो सारा खेल खुल गया। सभी को अभी भुगतान नहीं हुआ है लेकिन तैयारी पूरी थी। सत्यापन करने वाले की भूमिका भी संदिग्ध है। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट सीडीओ को सौंप दी है।

शादी अनुदान योजना के लिए करीब 1600 आवेदन आए हैं। शिकायत मिलने पर सीडीओ डॉ. महेन्द्र कुमार ने आवेदनों की जांच डीडीओ को सौंपी थी। इनमें तीन फर्जी पाए गए हैं। सत्यापन की जिम्मेदारी शहर में एसडीएम और ग्रामीण क्षेत्र में बीडीओ की होती है।

जांच अधिकारी डीडीओ जीपी गौतम और सहायक लेखाधिकारी बाबू पांडेय ने बताया कि श्यामनगर निवासी ओम प्रकाश दीक्षित ने स्नातक कर रही बेटी का नाम बदलकर सविता दीक्षित नाम से फर्जी आवेदन किया है।

नकली शादी का कार्ड और आधार बनवाया। शादी के कार्ड में दूल्हे का नाम पंकज मिश्रा निवासी सीतापुर और विवाह की तारीख 24 जुलाई 2020 लिखी है। आवेदन में पिता का नाम, पता, बैंक खाता जैसी डिटेल सही हैं।

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