बेटी की गवाही से माँ को मिला इंसाफ

अपर जिले जज नित्यानंद श्रीनेत की अदालत ने पत्नी के हत्यारे पति को उसी की बेटी की गवाई पर उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये जुर्माना भी किया। यह हत्या 25 मई 2017 की सुबह छह बजे हथगाम थाने क्षेत्र के पैगंबरपुर रिकहुवा गांव में हुई थी।

खागा कोतवाली क्षेत्र के हरिहरपुर मजरे संवत के शिवमोहन की बहन उर्मिला की शादी हथगामा के पैगंबरपुर रिकहुवा निवासी बीरेंन्द्र पाल ऊर्फ बऊआ से हुई थी दंपति के 12 वर्ष की बेटी और 10 वर्ष का बेटा है। घटना से दो महीने पहले उर्मिला अपने मायके में चाचा की बेटी की शादी में गई थी। घटना से एक दिन पहले चाचा का लड़का गोविन्द उसे ससुराल छोड़कर गया था। उसी दिन पति-पत्नी में विवाद हो गया। 25 मई 2017 की सुबह बीरेन्द्र ने कुल्हाड़ी मारकर उर्मिला की हत्या कर दी थी। मामले में उर्मिला के भाई शिवमोहन की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। ममला कोर्ट नंबर पांच अपर जिला व सत्र न्यायाधीश नित्यानंद श्रीनेत की अदालत में विचारधीन था।

सुनवाई के चलते मृतका और अभियुक्त की 12 साल की बेटी स्नेहा उर्फ अंकिता ने अदालत को बताया कि उसके सामने पिता ने मां पर कुल्हाड़ी से प्रहार किया था, जिससे मां की मृत्यू हो गई थी। पीडिता की ओर से सहायक शासकीय वकील प्रमिल श्रीवास्तव अदालत में पक्ष रख रहे थे। उन्होंने अदालत के समक्ष गोविंद और शिवमोहन के भी बयान करवाए। साक्ष्यों और गवाहों को मद्देनजर रखते हुए अपर जिले के न्ययाधीश ने फैसला सुनाया। पुलिस ने दोषी को जेल भेज दिया।

loading...

Leave a Comment