राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख एमएम नरवणे करेंगे एलएसी के साथ लेह का दौरा

चीन से तनाव के बीच केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे शुक्रवार को पूर्वी लद्दाख में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए Line of Actual Control, LAC के साथ-साथ लेह का दौरा करेंगे। रक्षामंत्री लद्दाख दौरे के दौरान स्थानीय सैन्य कमांडरों के साथ एलएसी पर टकराव और सैन्य तैनाती की समीक्षा करेंगे। सूत्रों के अनुसार राजनाथ सिंह गलवन घाटी में चीनी सैनिकों को खदड़ने वाले घायल बहादुर सैनिकों से भी मुलाकात करेंगे।

एलएसी अतिक्रमण को लेकर जमीनी स्तर पर चीन की चालबाजी में अभी तक बदलाव नहीं आने को देखते हुए भारतीय सेनाओं ने भी चौतरफा अग्रिम मोर्चे पर टैकों के साथ हथियारों की तैनाती में इजाफा कर दिया है। पैंगोग त्सो लेक इलाके में चीनी सैनिकों पर सतर्क निगाह रखने के लिए नौसेना के कई विशेष पेट्रोलिंग बोट भी लद्दाख भेजे दिए गए हैं। वहीं, दूसरी तरफ कोर कमांडर के स्‍तर तीसरी दौर की बातचीत जारी है। बातचीत में दोनों पक्षों ने जल्द से जल्द एलएसी पर चरणबद्ध तरीके से पीछे हटने पर जोर दिया।
सीमा पर चीन की हर हरकत पर नजर रखने और उससे निपटने के लिए भारतीय वायुसेना तैयार है। पूरे सेक्‍टर में एडवांस्‍ड क्विक रिएक्‍शन वाला सतह से हवा में मार करने वाला मिसाइल डिफेंस सिस्‍टम मौजूद है जो किसी भी फाइटर जेट को कुछ सेकेंड्स में तबाह कर सकता है। आर्मी ने पूर्वी लद्दाख में ‘आकाश’ मिसाइलें भी भेजी हैं। वायुसेना के लड़ाकू वि‍मान पहले से ही काफी सक्रिय हैं।

सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे 23 जून को लेह के सेना के अस्‍पताल में इलाज करा रहे जवानों से मिले थे। इसके बाद वह लद्दाख के अग्रिम मोर्च पर भी गए, जहां मौजूद जवानों का उन्‍होंने हौसला बढ़ाया। जनरल नरवणे ने सैनिकों को भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर पूरी सेना उनके साथ खड़ी है।

पिछले 26 जून को दो दिवसीय लद्दाख दौरे से लौटने के बाद आर्मी प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ( Rajnath Singh ) से मुलाकात की थी और उन्हें लद्दाख सेक्टर के हालात से अवगत कराया। इसके पहले आर्मी चीफ पूर्वी लद्दाख में दो दिनों के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने वास्तविक नियंत्रण रेखा ( Line of Actual Control, LAC) के पास का भी निरीक्षण किया था।

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