ज्योतिष

21 जून को सुबह 9:16 बजे शुरू होगा सूर्यग्रहण, सूतक काल में 20 जून से बंद हो जाएंगे मंदिर

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इस बार साल के सबसे बड़े दिन 21 जून को दुर्लभ खगोलीय घटना होगी। यानी रविवार आषाढ़ अमावस्या को वलयाकार सूर्य ग्रहण लगेगा। इसे कंकणाकार ग्रहण भी कहते हैं। यह सूर्य ग्रहण देश के कुछ भागों में पूर्ण रूप से दिखाई देगा।

ग्रहण का समय काल :
ज्योतिषाचार्य आचार्य घनश्याम के अनुसार 21 जून को सूर्य ग्रहण दिन में 9:16 बजे शुरू होगा। इसका चरम दोपहर 12:10 बजे होगा। मोक्ष दोपहर में 3:04 बजे होगा।
ग्रहण का सूतक काल
सूतक काल 20 जून शनिवार रात 9:15 बजे से शुरू हो जायेगा। इसी के साथ शहर के मठ-मंदिर के पट भी बंद हो जाएंगे। आपको बता देें कि ज्योतिषशास्त्री ग्रहण के ग्रहण के 12 घंटे पहले और 12 घंटे बाद तक के समय को सूतक काल मानते हैं।

वलयाकार होगा ग्रहण
जवाहर तारामंडल के निदेशक डॉ. रवि किरन ने बताया कि सूर्य ग्रहण की स्थिति वलयाकार रहेगी। यह न पूर्ण होता है न ही आंशिक। प्रयागराज में सूर्यग्रहण 78 प्रतिशत ही दिखाई देगा। हरियाणा के कुरुक्षेत्र, सिरसा, राजस्थान के सूरजगढ़, देहरादून और चमोली में पूरा सूर्यग्रहण दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि चन्द्रमा अपने कक्ष में अंडाकार घूमता रहता है। चन्द्रमा से सूर्य की दूरी अधिक होने से दोनों का आकार बराबर दिखाई देता है। 21 जून को ही सूर्य कर्क रेखा के ठीक मध्य में होगा। यह साल का सबसे बड़ा दिन है।

रिपोर्टर बीपी पाण्डेय

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