30 लाख देने के बाद भी नही मिला बेटा, 31 वें दिन हुआ खुलासा

कानपुर के बर्रा लैब टेक्नीशियन संजीत यादव अपहरणकांड में 31 वें दिन का खुलासा हुआ है। संजीत की हत्या कर दी गई है। Police ने चार आरोपितों को पकड़ लिया है लेकिन अभी तक शव नहीं मिला है।

यह मामला उस समय चर्चा में आया जब संजीव के अपहरणकर्ताओं ने 30 लाख की फिरौती मांगी थी। पहले परिजनों ने बताया था कि Police के कहने पर उन लोगों ने तीस लाख रुपये से भरा बैग अपहरणकर्ताओं के पास पुल से नीचे फेंका, विवाद बढ़ने के बाद परिजन अपने बयान से पलट गए थे, बाद मे उन्होंने कहा कि बैग में पैसे नहीं थे।

बर्रा अपहरणकांड में कब क्या हुआ
22- जून को लैब टेक्नीशियन लापता हो गया | 23 जून को परिजनों ने बर्रा की जनता नगर चौकी में कराई गुमशुदगी की रिपोर्ट, और 26 जून को राहुल यादव के खिलाफ एसएसपी के आदेश पर अपहरण की रिपोर्ट नामजद कराई|

29 जून को अपहरणकर्ता ने संजीत को परिजनों को 30 लाख रुपए की फिरौती के लिए किया फोन 29 जून से  अपहरणकर्ताओं ने परिजनों को लगातार किया फोन रविवार तक का समय दिया |

5 जुलाई को कोई कार्रवाई न होने पर परिजनों ने शास्त्री चौक चौराहे पर जाम लगाकर किया हंगामा,12 जुलाई को एसपी साउथ कार्यालय में दोबारा प्रार्थना पत्र दिया|

13 जुलाई को अपहरणकर्ताओं के कहने पर परिजनों ने 30 लाख रुपए से भरा बैग गुजैनी पुल से नीचे फेंका फिर भी नहीं आया बेटा तथा 14 जुलाई को परिजनों ने एसएसपी कार्यालय और आईजी जोन से की मामले की शिकायत|

14 जुलाई को ही एसएसपी ने बर्रा थाने पहुंचकर परिजनों से की बात, संजीत को चार दिन में बरामद करने का भरोसा दियाा|

14 जुलाई कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के मामले को लेकर किया Tweet|

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