CM Nitish Kumar ने cabinet की बैठक में 111 नए शहरों की दी सौगात

बिहार में अब नगर निकायों की संख्या 143 से बढ़कर करीब तीन सौ हो जाएगी। CM Nitish Kumar की अध्यक्षता में शनिवार को हुई cabinet की बैठक में महज एक एजेंडा को सरकार ने मंजूरी दी।

इसके तहत 103 नगर पंचायत , आठ नए नगर परिषद और पांच नये नगर निगम बनाने पर मुहर लगी। इसके अलावा 32 नगर पंचायत को अपग्रेड कर नगर परिषद शहर बनाने की मंजूरी दी गई। सरकार के इस पहल के बाद 148 नये नगर निकायों के गठन का रास्ता साफ हो गया।

कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव Sanjay Kumar  ने बताया कि कुल 111 नये नगर निकायों के गठन की सरकार ने मंजूरी दी है। इसके साथ ही 32 नगर पंचायत को अपग्रेड कर नगर परिषद और पांच नगर परिषद को अपग्रेड कर नगर निगम बनाने पर कैबिनेट की मुहर लग गई।

नगर विकास सचिव Anand Kishore ने बताया कि नए नगर निकायों के गठन पर लोगों से एक महीने के अंदर आपत्तियां मांगी गई है। DM and Commissioner को संबंधित क्षेत्र के लोग दावा-आपत्तियां संबंधित अर्जी दे सकते हैं। नए नगर निकायों के गठन की प्रक्रिया जिलाधिकारियों द्वारा पूरी की जाएगी।

पांच नए नगर निगम समेत 111 नए नगर निकायों के गठन से जहां एक ओर जनता को नगरीय सुविधाएं मिलेंगी वहीं, सरकार को भी और अधिक राजस्व की प्राप्ति हो सकेगी। दूसरे राज्यों की अपेक्षा बिहार में शहरी इलाके काफी कम थे।

शहरी जनसंख्या भी बेहद कम थी। इस कारण शहरों के विकास के लिए केंद्र से मिलने वाली राशि में बिहार की हिस्सेदारी बहुत सीमित थी। अब सौ से अधिक नए निकायों के गठन और तीन दर्जन से अधिक निकायों के उत्क्रमित होने के कारण शहरी विकास के लिए अधिक फंड मिलेगा।

इस बदलाव का असर जनता की जेब पर भी बढ़ेगा। जिन 103 इलाकों को पहली बार नगर पंचायत में शामिल किया गया है, वहां सुविधाओं के साथ टैक्स में भी बदलाव होगा। इसी तरह नगर पंचायत से नगर परिषद बने 32 निकायों के लोगों को भी पहले से अधिक टैक्स देना होगा।

सासाराम, मोतिहारी, बेतिया, मधुबनी और समस्तीपुर को नगर निगम का दर्जा देने की सिफारिश का सबसे बड़ फायदा यह होगा कि इन शहरों का अब नियोजित विकास संभव हो सकेगा।

अभी यह शहर जैसे-तैसे बढ़ रहे हैं। एक व्यापक प्लान का अभाव है। नगर निगम बनने के बाद अब यहां मेयर, डिप्टी मेयर के साथ नगर आयुक्त शहर के विकास का खाका तैयार करेंगे।

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