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जल्द ही इन नए तरीकों से होगी डिजिटल बैंकिंग

नई दिल्ली
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अब भारत में बैंकिंग का सिस्टम काफी हद तक बदलने लगा है। सब कुछ डिजिटल होता जा रहा है। वॉयस कमांड से फोन में कई काम बिना टैपिंग के किए जा सकते हैं। न सिर्फ आप अपना बैंक बैलेंस चेक कर सकते हैं बल्कि बैंक आपको अपना डेबिट या क्रेडिट कार्ड बिना इंतजार किए ब्लॉक कराने की सुविधा भी देते हैं।

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यह संभव हो पाया है Financial Software and Systems कंपनी के जरिए। यह दुनियाभर के ATM में अपना सिस्टम इंस्टॉल करती है। वर्ष 2019 के अंत तक इसके वॉयस-इनेबल्ड सिस्टम को भारत के अग्रणी बैंक्स द्वारा अपनाया जा सकता है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के डिजिटल बैंकिंग को लेकर बनाए गए नए नियमों के तहत वॉयस कॉमर्स उपभोक्ताओं और व्यापार के लिए लेनदेन करने के भविष्य का एक आंतरिक हिस्सा है। Alexa और Google Assistant जैसे वॉयस अस्सिटेंट का इस्तेमाल करने के लिए भारतीय बैंक पूरी तरह से मदद करेंगे। इस सुविधा के जरिए यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सभी ग्राहक फंड ट्रांसफर, बिल भुगतान, कार्ड ब्लॉक या चेक बुक के लिए ऑर्डर करना जैसे कामों को बिना समय गवाए तुरंत कर पाए।

FSS यह सुनिश्चित करेगा कि बैंक्स सभी सुरक्षा उपायों का पालन करें जिससे यूजर्स को वॉयस के जरिए लेन-देन करने में किसी तरह की कोई परेशानी न हो और वो सुरक्षित रहें। इसके लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन प्रोसेस भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसका मतलब अगर आपको कोई बिल पेमेंट करना है तो बैंक आपको एक OTP भेजेगा।

इसे वॉयस अस्सिटेंट में फीड करना पड़ेगा। वहीं, आपका डेबिट या क्रेडिट कार्ड नंबर भी कहीं स्टोर नहीं किया जा सकेगा। FSS और बैंक टोकेनाइजेशन मेथड अपनाएंगे। यह यूजर के कार्ड नंबर का सिक्वेंस बदल देगा। यह वॉयस अस्सिटेंट यूजर की आवाज से ही स्विच ऑन और ऑफ किया जा सकेगा।

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