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भारत के दबाव में चीन नेपाल,दोनो देश पीछे हटे, जाने खास खबर

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भारत ने जबरदस्त कूटनीति का नमूना पेश करते हुए सीमा विवाद के मुद्दे पर चीन और नेपाल को एकसाथ कदम पीछे खींचने पर मजबूर कर दिया। लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर तनाव के बीच चीन ने जहां अचानक शांति का राग अलापना शुरू कर दिया है, तो नेपाल ने भी नक्शा विवाद मामले में विधेयक वापस ले लिया है। इससे विवादित नक्शे से जुड़ा विधेयक नेपाली संसद में पास नहीं हो पाया।

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लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर तनाव के बीच चीन ने अब शांति का राग अलापा है। मंगलवार को सेना को तैयार रहने का निर्देश देने के बाद बुधवार को पहले चीनी विदेश मंत्री ने सीमा पर भारत के साथ सीमा पर स्थिति को स्थिर और नियंत्रण में बताया। वहीं, भारत में चीन के राजदूत ने मतभेदों को बातचीत के जरिए मिटाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चाइनीज ड्रैगन और भारतीय हाथी एक साथ नृत्य कर सकते हैं। चीनी राजदूत ने एक कार्यक्रम में कहा भारत-चीन शांति एकमात्र सही विकल्प है। उन्होंने मतभेद समाप्त करने के लिए तंत्र का हवाला देते हुए कहा मतभेद का असर संबंधों पर नहीं पड़ना चाहिए।

5 मई से ही पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव बना हुआ है। चीनी सैनिकों के भारतीय क्षेत्र में अतिक्रमण के बाद दोनों सेनाएं उस इलाके में डंटी हुई हैं। जानकारों का कहना है कि चीन के शांति संबंधी बयान को जमीन पर देखना होगा। जहां चीन सीमा संबंधी धारणा को बदलना चाहता है। भारत में चीन के राजदूत सन विडोंग ने कंफेडरेशन ऑफ यंग लीडर्स मीट को संबोधित करते हुए भारत और चीन के रिश्तों को प्रगाढ़ करने की जरूरत बताई।

उन्होंने कहा कि हमें कभी भी अपने मतभेदों को अपने रिश्तों पर हावी नहीं होने देना चाहिए। हमें इन मतभेदों का समाधान बातचीत के जरिए करना चाहिए। विडोंग ने आगे कहा कि चीन और भारत कोविड-19 के खिलाफ साझी लड़ाई लड़ रहे हैं और हम पर अपने रिश्तों को और प्रगाढ़ करने की जिम्मेदारी है।

रिपोर्टर बीपी पाण्डेय

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