टिकरी बाॅर्डर पर आंदोलन में आए जींद के किसान ने लगाई फांसी, पढ़े पूरी खबर

नई दिल्ली

तीन कृषि कानूनों को रद करने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में शामिल एक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर दी। वह सरकार की ओर से किसानों की मांग पूरी न किए जाने से परेशान था। कुछ दिन पहले ही वह किसान आंदोलन में शामिल होने आया था।

जींद के सिंहवाला निवासी 50 वर्षीय कर्मवीर पुत्र दरियाव सिंह ने शहर के बाईपास स्थित नए बस स्टैंड के पास एक पेड़ पर प्लास्टिक की रस्सी का फंदा लगाकर जान दे दी। सुबह किसानों को उसका शव पेड़ से फंदे पर लटका मिला।

इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने किसानों की मौजूदगी में शव को फंदे से उतारा और पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में भिजवा दिया है। स्वजनों को भी सूचना दी गई है। सिविल

अस्पताल में कर्मवीर के स्वजन आने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। किसानों ने बताया कि कर्मवीर किसानों की मांगें सरकार की ओर से पूरी न किए जाने से परेशान था।

वह बार-बार यहीं कहा करता था कि सरकार किसानों की मांगों के प्रति काफी अड़ियल रवैया अपनाए हुए है। कर्मवीर को तीन बेटियां हैं। वहीं इसके साथ ही किसान आंदोलन में  सुखविंदर पुत्र दलीप सिंह उम्र 60 वर्ष निवासी धुरकोट रासीन जिला मोगा पंजाब की अज्ञात कारणों से मृत्यु हो गई।

शव सामान्य हॉस्पिटल बहादुरगढ़ में लाया गया है। इसके बाद किसान आंदोलन में आए लक्खा सिंह पुत्र बाज सिंह उम्र करीब 70 वर्ष वासी गांव का लोधी, जिला संगरूर, पंजाब की अज्ञात कारणों से मृत्यु हो गई है। टीकरी बॉर्डर पर आज आंदोलन में तीन मौत होने से अब तक हुई मौत की संख्‍या 33 हो गई है।

इतना ही नहीं आंदोलन में शामिल किसानों की ओर से आत्महत्या की यह तीसरी घटना है। इससे पहले 19 जनवरी को रोहतक के पाकस्मा निवासी जयभगवान राणा ने जहर खा लिया था, जिससे 20 जनवरी को उसकी मौत हो गई थी।

27 दिसंबर 2020 को पंजाब के फाजिल्का के जलालाबाद बार एसोसिएशन के सदस्य वकील अमरजीत ने पीएम के नाम पत्र लिखकर जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी।

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